दिल्ली में आज सबसे बड़ा सियासी शो - रामलीला मैदान में INDIA ब्लॉक की महारैली, 10 लाख लोगों के जुटने का दावा

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कल यानी 1 नवंबर को सियासत का सबसे बड़ा दिन होने जा रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक रामलीला मैदान में वोट चोरी के खिलाफ महारैली करने जा रहा है। इस रैली को लेकर कांग्रेस ने दावा किया है कि देश भर से 10 लाख लोग दिल्ली पहुंचेंगे।
मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक 'चलो दिल्ली' मार्च
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खुद इस मार्च का ऐलान किया है। उनके मुताबिक आज दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-कनॉट प्लेस जंक्शन से यह मार्च शुरू होगा, जो अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान तक जाएगा। राहुल गांधी ने छात्रों, युवाओं और सिविल सोसाइटी से अपील की है कि यह किसी एक पार्टी की रैली नहीं, बल्कि संविधान बचाने की लड़ाई है।
रैली सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। अखिलेश यादव ने भी ऐलान किया है कि समाजवादी पार्टी इस रैली में शामिल होगी।
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जनता की अदालत
इस पूरी रैली का केंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। INDIA ब्लॉक का आरोप है कि वोटर लिस्ट में SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के नाम पर लाखों वोटरों के नाम काटे जा रहे हैं। कई वोटरों को मृत दिखाया जा रहा है। इसी को विपक्ष 'वोट चोरी' कह रहा है।
इसी मुद्दे पर कल यानी 31 अक्टूबर को खड़गे के घर पर CEC के खिलाफ 'पब्लिक इम्पीचमेंट' का कार्यक्रम रखा गया है। यह कल की बारिश की वजह से टाला गया था। यह एक सांकेतिक कार्यक्रम है, जहां जनता की अदालत में CEC को हटाने की मांग का प्रस्ताव पास किया जाएगा। पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार इसकी अध्यक्षता करेंगी।
रामलीला मैदान में तैयारी पूरी, यूथ कांग्रेस का अनोखा विरोध
रामलीला मैदान में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा ने गुरुवार शाम खुद मैदान का निरीक्षण किया। मैदान में बड़ा तिरंगा टेंट, हजारों कुर्सियां और बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं।
इस बार यूथ कांग्रेस ने अनोखा विरोध करने का फैसला किया है। उनके कार्यकर्ता सफेद कपड़ा पहनकर भूत बनकर आएंगे, ताकि यह दिखाया जा सके कि कैसे जिंदा वोटरों को मृत बताकर लिस्ट से हटाया जा रहा है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, 10,000 करोड़ के नुकसान का दावा
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 3500 जवान तैनात किए जाएंगे, 200 से ज्यादा CCTV और बॉडी कैमरों से निगरानी होगी। पुलिस का अनुमान है कि 50,000 लोग जुट सकते हैं, जबकि कांग्रेस 10 लाख का दावा कर रही है।
दूसरी तरफ व्यापारियों ने इस रैली का विरोध किया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स का कहना है कि दिवाली के सीजन में इस तरह की बड़ी रैली से बाजार बंद होंगे और 10,000 करोड़ तक का नुकसान हो सकता है। BJP ने भी कहा है कि गृहमंत्री लोगों को रोक नहीं रहे हैं, यह विपक्ष का झूठ है।
कुल मिलाकर, आज दिल्ली की सड़कें सियासत से भरी रहने वाली हैं।









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