उत्तराखंड में सियासी पारा हाई घुसपैठिया बयान से लेकर गांव की सरकार तक

एक बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने यूपी में एक बयान दिया। उन्होंने कहा - "यूपी में सबसे बड़ा घुसपैठिया कौन है? वो उत्तराखंड का है।" उनका इशारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तरफ था।
लेकिन भाजपा ने इसे पूरे उत्तराखंड के स्वाभिमान से जोड़ दिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 1 नवंबर को देहरादून में खेल महाकुंभ के समापन मंच से पलटवार किया।
धामी ने कहा, "उत्तराखंड देवभूमि भी है, वीरभूमि भी। हमारे लोग बाहर मेहनत करके नाम रोशन कर रहे हैं, उन्हें घुसपैठिया कहना अपमान है।" उन्होंने याद दिलाया कि जब अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव यूपी के मुख्यमंत्री थे, तब रामपुर तिराहा में उत्तराखंड आंदोलनकारियों पर गोली चली थी। "पिता ने गोलियां चलवाईं, बेटा घुसपैठिया कह रहा है।"
धामी ने साथ में NSA अजीत डोभाल पर कांग्रेस के बयान का भी जिक्र किया और कहा, डोभाल उत्तराखंड के बेटे हैं। उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस से पूछा - क्या आप इस बयान का समर्थन करते हो? अगर नहीं तो रुख साफ करो और माफी मांगो।
उधर सपा प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने सफाई दी है कि बयान किसी एक व्यक्ति के लिए था, पूरे प्रदेश के लिए नहीं।
धामी का गांव वाला दांव - 4 बड़ी घोषणाएं
1 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास में ब्लॉक प्रमुख संगठन सम्मेलन बुलाया और 4 घोषणाएं की
जो क्षेत्र पंचायत निधि एनडी तिवारी सरकार के बाद बंद थी, उसे फिर से शुरू किया जाएगा।
क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय और भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय कमेटी में अब ब्लॉक प्रमुख भी शामिल होंगे, ताकि महिला समूहों को सीधा लाभ मिले।
किसी भी गांव को जबरदस्ती शहर में नहीं मिलाया जाएगा, पहले ग्राम पंचायत से पूछना अनिवार्य होगा।
सरकार ने स्थानीय निकायों के बजट में 721 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी किया है, ताकि गांवों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य के काम तेज हों। ये सीधा पलायन रोकने का संदेश है।
कांग्रेस का जवाबी हमला
कांग्रेस चुप नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोधियाल और हरीश रावत ने कहा है कि भाजपा असली मुद्दों से ध्यान भटका रही है। कांग्रेस का आरोप है कि असली मुद्दा बेरोजगारी, महंगाई और अंकिता भंडारी केस में न्याय है।
अब देखना है पहाड़ की जनता किस बात को ज्यादा दिल से लगाती है - प्रवासियों का सम्मान या गांव के विकास का वादा। यूपी और उत्तराखंड में चुनाव में अब 3-4 महीने ही बचे हैं।
4 . सवाल-जवाब
सवाल विवाद क्या है?
जवाब अखिलेश यादव के 'घुसपैठिया' वाले बयान पर सीएम धामी ने आपत्ति जताई है, उनका कहना है ये देवभूमि का अपमान है।
सवाल धामी ने क्या मांग की?
जवाब उन्होंने उत्तराखंड कांग्रेस से इस बयान पर रुख साफ करने को कहा है।
सवाल गांवों के लिए क्या ऐलान हुआ?
जवाब पंचायत निधि फिर शुरू होगी, मानदेय बढ़ेगा और गांव को नगर निकाय में मिलाने से पहले पूछा जाएगा।
सवाल सपा और कांग्रेस का क्या कहना है?
जवाब सपा ने कहा बयान एक व्यक्ति के लिए था, कांग्रेस ने इसे ध्यान भटकाने वाला बताया।








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