पंजाब में 2027 से पहले घमासान BJP का नया दांव ग्रामीण वोट पर नजर

पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी 15 महीने बाकी हैं, लेकिन सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार इस वक्त दो मोर्चों पर घिरी है। एक तरफ भाजपा संगठन को नए सिरे से खड़ा कर रही है, दूसरी तरफ कांग्रेस ने अंदरूनी लड़ाई रोककर सरकार के खिलाफ हल्ला बोल दिया है। और इस बार लड़ाई का नया मुद्दा है वोटर लिस्ट का SIR।
भाजपा का मालवा प्लान क्या है?
पंजाब भाजपा के मौजूदा अध्यक्ष सुनील जाखड़ हैं, लेकिन पार्टी ने मालवा बेल्ट के लिए अलग से प्रभारी बनाए हैं। भाजपा की कोर टीम को लगता है कि पंजाब में सिर्फ शहरों के हिंदू वोट से सरकार नहीं बनती। 2022 में भाजपा को सिर्फ 2 सीटें मिली थीं, वजह थी किसान आंदोलन।
अब भाजपा ने रणनीति बदली है। पार्टी के एक सीनियर नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हर जिले में किसान सम्मेलन हो रहे हैं। केंद्र सरकार की गेहूं खरीद और MSP का डेटा गांव-गांव में दिखाया जा रहा है। भाजपा का तर्क है कि इस बार पंजाब में सबसे ज्यादा गेहूं की खरीद हुई है।
भाजपा कार्यकर्ता गांव में जाकर कह रहे हैं कि AAP सरकार ने हर महिला को 1000 रुपये देने का वादा किया था, वो वादा कहां गया? कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। पिछले 2 महीने में फिरौती की कई घटनाएं सामने आई हैं।
कांग्रेस क्यों एकजुट दिख रही है?
कांग्रेस में नवजोत सिद्धू, प्रताप बाजवा और राजा वड़िंग के बीच खींचतान चलती रहती है, लेकिन वोटर लिस्ट के मुद्दे पर सब एक सुर में बोल रहे हैं।
प्रताप सिंह बाजवा ने बरनाला में कहा कि जिन गांवों में कांग्रेस 2022 में जीती थी, वहां वोटर लिस्ट से नाम काटे जा रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी भी लिखी है।
कांग्रेस का दूसरा आरोप है कि पंजाब पर कर्ज 3.5 लाख करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। भगवंत मान सरकार दिल्ली प्रचार में ज्यादा बिजी है।
AAP ने दोनों आरोपों को खारिज किया है। AAP प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों हार से डर रहे हैं, इसलिए वोटर लिस्ट का बहाना बना रहे हैं। SIR तो चुनाव आयोग का रूटीन काम है।
SIR से किसका वोट कटेगा?
पंजाब में करीब 2.23 करोड़ वोटर हैं। आयोग का कहना है कि कई NRI वोटर हैं जो बाहर चले गए हैं लेकिन नाम अभी भी पंजाब में है। कई डबल एंट्री भी हैं। इसी को ठीक करने के लिए घर-घर Verification हो रहा है।
लेकिन विपक्ष को डर है कि ग्रामीण इलाकों में BLO पर दबाव बनाकर वोट कटवाए जा सकते हैं। खासकर मालवा में जहां 69 सीटें हैं, वहीं से सरकार बनती है।
2027 में क्या होगा?
2027 का चुनाव AAP बनाम सब होगा। अकाली दल अभी बादल परिवार के झगड़े में उलझा है। भाजपा अकेले लड़ना चाहती है। इसलिए कांग्रेस को लगता है कि उसे फायदा मिलेगा।
कुछ सवाल - जवाब
सवाल पंजाब चुनाव कब है?
जवाब फरवरी-मार्च 2027
सवाल पंजाब में कुल वोटर कितने हैं?
जवाब 2.23 करोड़ के आसपास
सवाल भाजपा का मुख्य टारगेट क्या है?
जवाब ग्रामीण जाट सिख + शहरी हिंदू वोट








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