देशभर में यूथ कांग्रेस के 200 से ज्यादा नेता सस्पेंड दिल्ली में राहुल गांधी की रैली में नहीं पहुंचने पर गिरि गाज

नई दिल्ली कांग्रेस की युवा इकाई भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) ने संगठन में अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को हुई INDIA गठबंधन की 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में नहीं पहुंचने पर देशभर के 200 से ज्यादा यूथ कांग्रेस नेताओं को सस्पेंड कर दिया गया है।
अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक 7 राज्यों में कम से कम 185 पदाधिकारियों को सस्पेंशन लेटर भेजा जा चुका है और उनसे उनकी अनुपस्थिति पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
किस राज्य में कितने सस्पेंड?
सबसे ज्यादा कार्रवाई मध्य प्रदेश में हुई है।
- मध्य प्रदेश - 60
- गुजरात - 49
- पश्चिम बंगाल - 26
- तेलंगाना - 14
- उत्तर प्रदेश (मध्य) - 13
- हिमाचल प्रदेश - 13
- हरियाणा - 10
इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव से लेकर जिलाध्यक्ष स्तर तक के नेता शामिल हैं।
क्यों हुई कार्रवाई?
कांग्रेस ने 1 नवंबर की रैली के लिए सभी राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला पदाधिकारियों को बिना किसी छूट के पहुंचने का सख्त निर्देश दिया था।
हाजिरी के लिए डिजिटल सिस्टम लगाया गया था। मिंटो रोड पर बारकोड स्कैनर लगाए गए थे और सभी को 'With IYC' ऐप पर चेक-इन करना था।
यूथ कांग्रेस का दावा था कि मिंटो रोड पर 15,000 कार्यकर्ता जुटे थे, लेकिन ऐप पर सिर्फ 2,831 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन किया। इसी के बाद समीक्षा बैठक में अनुपस्थित पदाधिकारियों की लिस्ट बनाई गई।
चाचा की तेरवीं पर गए नेता भी सस्पेंड
सबसे ज्यादा चर्चा यूथ कांग्रेस के महासचिव रोहित राजोरिया के मामले की हो रही है।
राजोरिया ने बताया कि उन्होंने पार्टी नेतृत्व को पहले ही बता दिया था कि उनके चाचा का निधन हो गया है और उन्हें उनकी तेरवीं में शामिल होना है, इसलिए वो दिल्ली नहीं आ पाएंगे। इसके बावजूद उन्हें बिना स्पष्टीकरण का मौका दिए पद से हटा दिया गया।
राजोरिया ने कहा "मैंने पार्टी के लिए 15 साल दिए, 15 FIR झेलीं, 3-4 बार जेल गया। क्या सिर्फ एक रैली में न आने पर मुझे हटा दिया जाएगा?"
उन्होंने तेरवीं का कार्ड भी मीडिया को दिखाया।
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष ने क्या कहा?
यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा - रैली में ज्यादातर पदाधिकारी आए थे, लेकिन कुछ बिना जायज वजह के नहीं आए। राहुल गांधी के आह्वान पर आम युवा सड़कों पर उतर रहा है, ऐसे में कोई पदाधिकारी घर नहीं बैठ सकता। जिनके पास जायज कारण है, उन्हें कुछ दिन बाद बहाल कर दिया जाएगा। हमारे कार्यकर्ता जंग वाले घोड़े हैं।
रैली में क्या हुआ था?
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली हुई थी, जिसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव और फारूक अब्दुल्ला शामिल हुए थे।
रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया था।
कई सस्पेंड नेताओं का कहना है कि *कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान के बीच इंटरनेट स्लो* होने के कारण वो ऐप पर हाजिरी नहीं लगा पाए, जबकि वो रैली में मौजूद थे।
अब सवाल ये है - क्या ये अनुशासन है या तानाशाही? सोशल मीडिया पर दोनों तरफ से बहस तेज हो गई है।
कुछ सवाल-जवाब
सवाल कितने नेता निलंबित हुए?
जवाब 200 से अधिक, 7 राज्यों में।
सवाल निलंबन क्यों हुआ ?
जवाब राहुल गांधी की रैली में न पहुंचने पर।
सवाल सबसे अधिक कहां?
जवाब मध्य प्रदेश में 60, गुजरात में 49।
सवाल क्या वापस बहाली होगी?
जवाब हां, उचित कारण वालों की बहाली होगी।








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